मोहब्बत-ए-फ़रमाइश
मुतासिर ख़्वाइश है मेरी!2
गले से आकर लग जाओ!2
यार फ़रमाइश है मेरी!2
सजनियाँ मुझे बनाओ यार!2
करूँगी जी भर तुमसे प्यार!2
तड़फ़ आराइश है तेरी!
यार फ़रमाइश है मेरी!2
ज़ुल्फ जो उड़े फ़िज़ाओं में!2
क़रारी नहीं निग़ाहों में!2
शमाँ दिल ख़ातिर है तेरी!
यार फ़रमाइश है मेरी!2
यार दिल बीच समाऊँगी!2
उम्र भर साथ निभाऊँगी!2
मुस्तफ़ा ताविश है तेरी!
यार फ़रमाइश है मेरी!2
सजी है सेज बहारों की!2
चाँदनी रात नज़रों की!2
दुल्हनियाँ हाज़िर है तेरी!
यार फ़रमाइश है मेरी!2
यही दिल हशरत करती हूँ!2
यार मैं तुम पर मरती हूँ!2
मोहब्बत जाइज है तेरी!
यार फ़रमाइश है मेरी!2
दिलाशा देकर चले गए!2
मेरा दिल लेकर चले गए!2
याद ग़म क़ाहिल है तेरी!
यार फ़रमाइश है मेरी!2
प्यार के गीत सुनाऊँगी!2
तुम्हें अपना बनाऊँगी!2
आशिक़ी आदिल है तेरी!
यार फ़रमाइश है मेरी!2
लगी दिल रीत पुरानी है!2
नज़रा अज़ब ग़ज़ब होता!2
हिक़ायत बड़ी सुहानी है!2
जोश में होश नहीं आता!2
दिले मदहोश नहीं जाता!2
यार भरपूर जवानी है!
हिक़ायत बड़ी सुहानी है!2
सिमटके यौवन रह जाती!2
बात कुछ दिल में कह जाती!2
सिफ़्त इलहान रवानी है!
हिक़ायत बड़ी सुहानी है!2
मेरी आग़ोश चले आओ!2
दुपहरी शाम ढले आओ!2
वस्ल बेज़ार दिवानी है!
हिक़ायत बड़ी सुहानी है!2
ग़मे दिल दिल पर खो बैठी!2
तेरी मैं दिलवर हो बैठी!2
मुक़म्मल हवश जुटानी है!
हिक़ायत बड़ी सुहानी है!2
मोहब्बत मिले क़ामयाबी!2
मुनव्वर शबे आफ़ताबी!2
हिक़ारत जगत मिटानी है!
हिक़ायत बड़ी सुहानी है!2
रात भर हिलकी ले रोई!2
पुकारा दिल से है कोई!2
नज़र से नज़र मिलानी है!
हिक़ायत बड़ी सुहानी है!2
इश्क़ में मरके जिन्दा हैं!2
ख़ुदा के फ़लक परिन्दा हैं!2
लगी दिल यही निशानी है!
हिक़ायत बड़ी सुहानी है!
तुझे आवाद करता है!2
तेरी फ़रियाद करता है2
बेवशी बन गई हमदम!
तुझे दिल याद करता है!2
लखावै तेरे बिन रजनी!2
रो रही हिलकी ले सजनी!2
मुझे बेदाद करता है!
तुझे दिल याद करता है!2
ग़मों ने तोड़ दिया तुझको!2
बिरह में छोड़ दिया मुझको!2
नहीं फ़रहाद करता है!
तुझे दिल याद करता है!2
हाथ में देकर हज़रत को!2
भेज दे लिखकरके ख़त को!2
मुझे नाशाद करता है!
तुझे दिल याद करता है!2
ज़िन्दगी नहीं जी रही मैं!2
ग़मों के अश्क़ पी रही मैं!2
हिज़र बरबाद करता है!
तुझे दिल याद करता है!2
तुमको याद किया है दिल ने आजाओ दिलजान!
करन मयस्सर तुमको मेरे तड़फ़ें दिल अरमान!
खड़ा हूँ धार किनारे तुम्हें दिल प्यार पुकारे!
करते करते याद तुम्हारी नैंना भी भर आए!
कट जाए दिन रो करके पर रैना बीत नँ पाए!
पशेमान दो बूँद पियासा निकली जाए जान!
खड़ा हूँ धार किनारे तुम्हें दिल प्यार पुकारे!
करूँ ज़ियारत गलियों की मैं तेरा रूप लखाए!
सुबहो शाम ख़याले डूबा नींद नँ मुझको आए!
हम तुम कभी मिलें जी भर होइ जगत में शान!
खड़ा हूँ धार किनारे तुम्हें दिल प्यार पुकारे!
जहाँ कहीं तू जाइ पियारी पीछे तेरे आऊँ!
दुनियाँ छोड़ रिवायतें दुल्हन तुझे बनाऊँ!
आश मुक़म्मल होइ हमारी बने यही पहचान!
खड़ा हूँ धार किनारे तुम्हें दिल प्यार पुकारे!
होइ नेस्तनाबूद ज़िन्दगी कोई नहीं हितकारी!
दामन थाम लिया है मैंने मेरी प्राणन प्यारी!
हो मेहरूम फ़िकर तन्हाई पहुँचे जग फ़रमान!
खड़ा हूँ धार किनारे तुम्हें दिल प्यार पुकारे!

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