प्यार की तैहरीर
प्यार की तैहरीर शायरी Writer Gopalsingh Mo,6398347628 1.प्यार की तैहरीर तेरे नाम की! हर बात दिल की गुमनाम की! हाथ धो कर पीछे पड़े हैं रक़ीब! चाहत भी अपनी बदनाम की! 2. जी रहे हैं सनम की चाहत में हम! आँशू पी रहे हैं ऐसी हालत में हम! निभा दिया क़िरदार आशिक़ी का! मशरूर भी हैं ऐसी क़फ़ालत में हम! 3. चाहत में किसी को पाने की हिमाक़त कर गये|| मिटा कर हस्ती को बे ख़ुदी में मोहब्बत कर गये|| मिल नहीं सका अनमोल हीरा ज़िन्दगी में कभी|| अंजान हो अक़्सर अपने लिए ही नदामत कर गए|| 4. मोहब्बत से ज़्यादा ही मोहब्बत कर गये हैं हम|| किसी शाकी के ख़ातिर ही तौहमत सह गये हैं हम|| ढल गई है उम्र भी अब तो तेरे इन्तज़ार में हम दम|| उजाला फ़ैलता रहे बफ़ा हिक़मत कर गये हैं हम|| 5. बूँद आँशू की बर्शात बन गई|| तेरा दीदार ही मेरी मुलाक़ात बन गई|| मिटा दिया हस्ती को तुम्हें अपना जानकर|| दिल का प्यार ही मेरी सौग़ात बन गई|| 6. रख कर दिल में मुजस्सिम को तेरी रात दिन पूजा करेंगे दिलवर|| कसम है ख़ुदा की हमें क़यामत तक नँ कोई दूजा करेंगे दिलवर|| कर दी नुमाइश ख़ुदा के हवाले हमने सनम|| रह कर दुनिय...