ग़म-ए-आशिक़ी
ख़ूबसूरती दुख़्त हसीना लटके लट रुख़ आइ पसीना!
जामे हुस्न सितम कर डाले मै ख़ाने ग़म ज़िगर हवाले!
होता इश्क़ मुलाक़ातों में नहीं सब्र है दिन रातों में!
रो रो कर मैं रात गुज़ारूं तुझको हरदम यार पुक़ारूं!
तरस रही हैं बाहें मेरी दर्द भरी दिल आहें तेरी!
हैं बेताब निगाहें मेरी बहें अश्क़ गम राहें तेरी!
नहीं मोहब्बत जाम क़रारी आये कब ग़ुल्फ़ाम हमारी!
तड़फ़े दिल दीदार पियासा आऊँगी मैं दिया दिलासा!
ग़मे सज़ा .तश्लीम निशानी इश्क़ मोहब्बत नांफ़रमानी!
तक़ता राह तुम्हारी हर दम आओगी कब मेरी हम दम!
तजके कहाँ गई तू सजनी जैसे दिवस हुई हो रजनी!
दिल बेज़ार ख़याल घनेरा क़ैद हुस्न की नहीं बसेरा!
भर आई हैं मेरी अखियाँ करें रिस्क़ सब तेरी सखियाँ!
हैं वीरान गाँव की गलियाँ दिखे नहीं इनमें रँग रलियाँ!
रेशम जुल्फ़ घटा लहराए तुझको देख चाँद शरमाए!
नूरे नज़र हिजाब शरारा अक़्शर कर मेहताब ग़ुहारा!
रात सुहानी दिखे चाँदनी कोई हसीना लखे नाज़नी!
चेहरा ख़ूब जिग़र भरमारए तुझे मयस्सर दिल फ़रमाए!
तुझको देख मेरा दिल खोया पाकर के ग़म ग़म में रोया!
आये ग़र गुलफ़ाम हमारी ग़मे फ़िक़र मिट जाए सारी!
मेरी राह ताक़ती होगी भर कर आह झाँकती होगी!
यही जुस्तजू हरपल करता दिलोजान से उसपर मरता!
खोया प्यार मुझे मिल जाए चाहे जान भले ही जाए!
जुदा ज़िन्दगी नहीं ज़िन्दगी हरपल तेरी करूँ बन्दगी!
रात मुक़म्मल तारे गिन गिन इन्तज़ार मैं करता छिन छिन!
रो रो कर मैं जिऊँ ज़िन्दगी ग़मे ज़िन्दगी नहीं जिन्दगी!
मेहँदी हाथ रची तो होगी पायल पैर सजी तो होगी!
चूड़ी ख़नन बजी तो होगी सुर्खी होठ लगी तो होगी!
बिंदिया शम्स चमकती होगी ख़ुश्बू फ़ूल महकती होगी!
नज़रें नूर झलकता होगा बाला कान लहकता होगा!
नाज़ुक हाथ पहन के मुदरी कोई हूर फ़लक से उतरी!
मुरझाई फिर कली ख़िली है कोई शदियों बाद मिली है!
शंगेमरमर हुस्न नसीला यौवन में भरपूर ज़मीला!
चाहत की दिल आश लगी है रात हशीन बहार जगी है!
रही अधूरी प्रेम कहानी धूल मिल गई शोख़ जवानी!
प्यार वफ़ा सब तुम्हें ग़हाया तुमने हमको है ठुकराया!
मेरी ख़ता माज़िरत कीजे जामे वफ़ा शाक़िरत कीजे!
होंइ नेस्तनाबूद इरादे बिछड़ी बेग़म ग़म शहजादे!
बेशक़ रुषवा करे ज़माना तश्लीमे दिल ये नज़राना!
फ़ूल चमन में नहीं ख़िले हैं मर्जी से हम नहीं मिले हैं!
जन्नत सफ़र क़यामत होगा जामे इश्क़ अदायत होगा!
लम्हे इश्क़ ग़ुज़र जायेंगे वो दिन लौट नहीं आयेंगे!
ख़ूब सुहाना पल जो गुज़रा याराने का हसीन मुज़रा!
ग़मे आशिक़ी रहे सलामत इंतिहान हो चाहे अमानत!
महकत ख़ूब रात की रानी याद मुनव्वर दिल वीरानी!
ग़मे आशिकी यही फ़साना याद करेगा हमें ज़माना!
दस्तेयाव नँ कभी मोरब्बत रब का है आदेश मोहब्बत!
महबूबे ग़म ख़ुदा मान लो रुषवाई से जुदा जान लो!
दिल का ये दस्तूर पुराना किया प्यार तो हमें निभाना!
लव्ज़ेहाद जहान करेंगे मरने से अब नहीं डरेंगे!
ग़म-ए-आशिक़ी प्यार पुकारे आजाओ दिलदार हमारे!
इश्क़ नुमाइश यही मुख़्तिला ज़ावेदा यूँ चले शिल्सिला!
यादों का सागर है गहरा नूर नुमाइश का है पहरा!
होइ ज़िन्दगी दिल वीरानी मुरझा जाइ रात की रानी!
जब से रुख़्शत हुई नाज़नी डेरा भूत पिशाच राग़नी!
लगे रात मानिन्द नागिनी टूटे क़हर ज़हीर दामिनी!
मुख़ड़ा मुझसे मोड़ भामिनि गई कहाँ तू छोड़ कामिनी!
मुस्तफ़ीद ग़म ख़ुद अपनाया तेरा प्यार जिग़र फ़रमाया!
दिल दीवार पशेमानी है तुझ बिन यार परेशानी है!
ग़म का ज़हर पिए बैठा हूँ दिल में क़हर लिए बैठा हूँ!
चाहे ग़म का दौर हयामत यहाँ नहीं तो मिलें क़यामत!
इश्क़ हिक़ायत इख़्तिताम है दिल में रब रहमान राम है!
तेरा प्यार दिल से होता नँ कम है
रंजो अलम ग़म मेरी आंख नम है!
हालत ग़मों की बहती है धारा
डूबा इन्हीं में नहीं है किनारा
मिलने तू आये ये मेरा भरम है
रंजो अलम ग़म मेरी आँख नम है!
फ़रहान दिल की क़म्शिन लगे
वीरान दिल में तड़फ़न जगे
दिले बे क़रारी छाया सितम है
नहीं पास मेरे मेरा सनम है
रंजो अलम ग़म मरी आँख नम है!
सूरत तेरी दिल झलके रुहानी
मेरे इश्क की है तू ही कहानी
उड़ता परिन्दा गाता नज़्म है
मोहब्बत में रक्खा मैंने कदम है
रंजो अलम ग़म मेरी आँख नम है!
मेरे ख्वाब दिल के रहे हैं अधूरे
आकर खुशी से करदे तू पूरे
पाऊँ तुझे मैं मेरा करम है
सेज है फूलों की सजता हरम है
रंजो अलम ग़म मेरी आँख नम है!
तेरी मोहब्बत मेरी नज़र!
किसी को नहीं थी कोई ख़बर!
आंधी रक़ीबों की ऐसी चली!
मुरझा गई है खिलती कली!
मुज़रा ये उल्फ़त बरवाद है!
गुज़रा जो लम्हात फ़रहाद है!
मेरी इनायत पे करदे वफा!
दुनियाँ तोहमत लगाए दफा!
तौफ़ीक दिल की दिल में रहे!
आहों में हँसकर गम जो सहे!
अक़्सर गनीमत निभाई सनम!
तेरी मोहब्बत की खाई कसम!
चाहत का हमने इरादा किया!
निभाने मोहब्बत का वादा किया!
ग़म का सागर उमड़ने लगा!
गलियों से कोई गुजरने लगा!
रातों को मेहताब छुपने लगा!
मेहरूम हो दिल दुखने लगा!
आया नहीं तू ओ बे ख़बर!
तेरी मोहब्बत का मुझ पे असर!
शादी का जोड़ा ये सूना रहा!
दिल का तशब्बुर नमूना रहा!
दिल में जो हैरत होने लगी!
मेरी आँख भर करके रोने लगी!
गलियों में उसको पुकारत फिरूँ!
मोहब्बत ख़ुदा से नुमाइश करूँ!
अन्जुम दारुल बदलने लगे!
जिन्नाद मानिन्द डसने लगे!

Comments