यादों की बारात
यादों की बारात निकली है मेरे द्वार से
बजने लगी शहनाई दिल में किसी के इज़हार से||
यादों की बारात निकली है मेरे द्वार से||
तोड़ दिया था दिल उसने झूठे वादे से हमारा ||
नहीं दिखता था उस दिन कोई धार में सहारा ||
अफ़साना बन गया बेहतर उसका ज़माने में ||
मुलाक़ात हुई उससे एक दिन किसी तराने में||
शबाब बहार पर था सिर से पाँव तक निख़ार से||
यादों की बारात निकली है मेरे द्वार से||
देखकर नूरे नज़र दिल को खो दिया हमने ||
याद में बहाकर अश्क चेहरे को धो दिया हमने||
आते थे आपसे मिलने दिल की बात कहते थे ||
नँ जाने कहाँ गये वो दिन हम तुम साथ रहते थे ||
रह गयीं यादें बिख़र कर किसी के ऐतवार से||
यादों की बारात निकली है मेरे द्वार से||
सोचा था फ़ूल खिलेंगे ज़िन्दगी में आपके आने से||
बहाते रहे अश्क रात दिन हम दिल के ख़जाने से||
अफ़साना बन गया यादों का तेरी रहनुँमाई में||
फ़ुरक़त ग़वारा कर नहीं सके हम बेवफ़ाई में||
शिक़स्त हो गई है हमारी आपके इन्तज़ार से||
यादों की बारात निकली है मेरे द्वार से||
माँगते रहे ख़ुदा से आपको हम फ़रियाद में||
डोली कोई और ले गया आपकी लव जिहाद में||
क्या मिला है आपको देकर ग़म हमें जुदाई का ||
ऐहसास नहीं कर सकीं आप ख़ालिक की ख़ुदाई का||
छाती रही घटा ग़म की रोज़ अल्लाह के दरवार से,
यादों की बारात निकली है मेरे द्वार से||
ग़हरा प्यार हमारा है
तेरा महज़ सहारा है
दिले ग़ैर की चाह नहीं
डूबा धार क़नारा है!
हर पल तेरी यादों में
रहता हूँ फ़रियादों में
फ़ीकी दुनियाँ लगती है
तू ही एक नज़ारा है!
डूबा धार क़नारा है!
रख दिल सूरत जिन्दा हूँ
बिन पर एक परिन्दा हूँ
शब्द ज़हान मुनव्वर हैं
साहस दिले क़रारा है!
डूबा धार क़नारा है!
दुनियाँ ने बदनाम किया
ग़म ने तेरा नाम लिया
इश्क़ तमाशा बने अग़र
क़ायम जिग़र शरारा है!
डूबा धार क़नारा है!
क़ामयाब ग़र हो सकूँ
दिल के ग़म को ख़ो सकूँ
कड़ा इन्तिहाँ दे दूँगा
रब से यही बख़ारा है!
डूबा धार क़नारा है!
देखकर तुझको दिल बहलता है
रूह का परिन्दा भी सहलता है
यादों को हयाते शुक़ून बना लिया
लगता है आँगन में कोई टहलता है!
दिल के सितार बजने लगे
ख़ुद में हम सँवरने लगे
आया झोंका हवा का कोई
टूटकर दिल से बिख़रने लगे!
कोई आने का वादा कर गया
आया तो नहीं लेकिन ग़म
ज़्यादा कर गया
तकब्बुर था उसके दिल में
बहुत ही कड़ा
लिहाज़ा जान बूझ कर ऐसा
कर गया!
दिल वर का हमने ऐहत राम
कर दिया
दोपहर को लाज़मी सुबहो
शाम कर दिया
मिलता था क़रार दिल
को भी घनेरा
इश्क काअफ़साना मै ख़ाने
जाम कर दिया!
सपने नँ जाने कहाँ मिट गये
अपने नँ जाने कहाँ जुट गये
पता नहीं है किस्मत का कोई
दिल से दूर होकर नँ जाने कहाँ
लुट गये!
यौवन मेरा ढल गया जवानी का
इख़्तिताम हो गया इस कहानी का
तौबा करने को जी चाहता है अब
हुआ नहीं असर तेरी मेहरवानी का!
दिल मेरा तोड़ दिया तुमने
मुख मुझसे मोड़ लिया तुमने
तन्हा जीवन अच्छा नहीं लगता
तीर नफ़रत का छोड़ दिया तुमने!
ज़हर का घूँट भर लिया हमने
मुँह तेरी तरफ़ कर लिया हमने
मरकर भी जियेंगे दुनियाँ में हम
पाक़ इश्क़ मयस्सर कर लिया हमने!
जो तेरी नज़र की निशानी है
वो मेरी आँखों की परेशानी है
बनकर के मज़नूँ फिरता हूँ गाँव में
ये ऊपर वाले की मेहरवानी है!
दिल मग़रूर कर लिया
अपने से दूर कर दिया
नँ जाने कहाँ ग़ुम नाम
हो गये आप
यादों को हमने मशहूर
कर दिया!
शुरूर ने तेरे दिल परिष्तान कर दिया||2
एक दिलकश कवरिष्तान कर दिया
एक नज़र देखा देखा था तुझको मैंने||2
तेरे इश्क़ ने तो मुझे ग़ुल्फ़ान कर दिया
उभर कर देखा नजर कुछ नहीं आता||2
हिन्दुष्तान एवज़ पाकिष्तान कर दिया
समाई है मेरे तू दिल आलम में ज़वेदा||2
महक़ ने तेरी जहाँ गुलिष्तान कर दिया
इन्तिख़ाब किया है तेरा किसी का नहीं||2
इन्तज़ार ने हयात इन्तिहान कर दिया
दिलेर होकर सौदा किया ज़िन्दग़ी का||2
चीर कर दिल हिज़्रे रेग़िष्तान कर दिया
मिलती रही है शिक़ष्त पीछे नहीं देखा||2
लैला मज़नू का नख़्लिष्तान कर दिया
तुझे प्यार से रखना चाहता हूँ
दीदार हर रोज करना चाहता हूँ
तेरे हुस्न में सब कुछ भुला दिया है
तुझ पर दिलोजान से मरना चाहता हूँ
आँच नहीं आये तुझ पर कोई सनम!2
लिहाजा ज़माने से लड़ना चाहता हूँ
आयें शिकष्तें बेशक हयात में कई!2
बाँध कर तौफीक सहना चाहता हूँ
आजाना उज़्लत जिन्दगी में मेहबूब!2
भूलके जगत पास रहना चाहता हूँ
बिगड़ी तकदीर को सहारा दे दे ज़रा!2
तेरा गुलाम हमेश बनना चाहता हूँ
मेरी आग़ोश में आजा बस एक बार!2
तेरे सारे ग़म मेैं ख़ुद हरना चाहता हूँ
करदे मुन्सितर ख़ुशियाँ हयात में मेरे!2
तेरी माँग में सिन्दूर भरना चाहता हूँ
इश्क़ मारफ़त शान है करै जगत बदनाम
पार वही इन्सान हो तक़सीरे ग़ुम नाम॥
करले सौदा इश्क़ का ख़ुदा ग़वारा होइ
मिल जायेगी दिलरुबा अगर भरोसा होइ॥
इश्क़ ख़ुदा फ़रमान है सल्तनते झुक जाइ
झेलै जो ग़म आँधियाँ पार वही हो जाइ॥
इश्क़ नहीं रब के लिये बेशक़ रुख़े हिजाब
ये तो सभी नुमाइशें होगा बुरा शबाब॥
मुझे ख़ुदा तश्लीम कर माँगी जो ताबीर
बरसादे निज रेहमतें कदमों में जाग़ीर॥
सहता सितम जहान में इश्क़ वफा़ अपनाइ
फ़ितरत लोग फ़साद की मक़्सद दिया गिराइ॥
तौबा की राहें चलो बिगड़ी ख़ुद बन जाइ
जन्नत का द्वारा मिलै ज़ावेदा सुख पाइ॥
इश्क़ जहाने इल्म है ले लो सीख़ सभी
होंइ क़ुलीने जो अगर फ़ज़्ले भीख़ तभी॥
पाक़ इश्क़ मख़्लूक़ है नहीं नेष्तनाबूद
सन्जीदा दिल होत है दुनियाँ में मख़्सूद॥
लैहजा इश्क़ हशीन है करदे तू इक़रार
मैं तेरा हो जाऊँगा मत करना इनक़ार॥
लखकर तेरे हुस्न को करूँ सिफ़्त इलहान
दिल का रिश्ता जोड़ लूँ ऐ मेरी दिलजान॥
दिल का रिश्ता जोड़कर लगा नहीं कुछ हाथ
आँखों से ओझल हुआ छूट गया अब साथ॥
दिले क़िनायत है छुपी होइ हाथ वीरान
पहलू आग लगाइ के चले गए श्री मान॥
हुस्न फ़क्र नाज़िल हुआ,चश्म हिजाब लखाइ
शंगे मर मर ग़ुल बदन,फ़िज़ा ज़ुल्फ़ लहराइ॥
यादें सुबहो शाम तू पाक़ मोहब्बत जाम
तू शहजादी ख़ूब है मौला तू ही राम॥
शम्मा जले मकान में परवाना उड़ जाइ
सम्मा वो किस काम की वस्ल नहीं हो पाइ॥
याद किसी की आ गई आँख मेरी भर आइ
रो-रो कर मैं ख़त लिखूँ नज़्म प्यार की गाइ॥
नहीं नुमाइश हो सकी बिछड़ गया दिलदार
उस बिन कैसे जी सकूँ रहा अधूरा प्यार॥
नहीं रू बरू हो सका प्यारा वो मेहबूब
ग़िला मुक़म्मल कर गया ग़म देकर मन्सूब॥
नहीं ज़िन्दगी ज़िन्दग़ी उनकी याद सताइ
करे मज़म्मत ये जहाँ रुष्वा दिया कराइ॥
जीवन वो किस काम का सूनी हो निज आस
मिले सब्र उस दिन मुझे क़ज़ा खड़ी हो पास॥
घोड़ी चढ़के जाऊँ मैं यारों की तादात
तड़फ़ाने को रह गई यादों की बारात॥
तू है मेरी दिलरुबा मैं तेरा मुख़्तार
एक रूह दो जिस्म हैं ऐसा मेरा प्यार॥
तुझसे दिल की बात मैं कहने को मसरूर
बंदिश लगी जहान की सदमे हैं भरपूर॥
मुझसे मेरे यार का निभा नहीं किरदार
जीयें तो कैसे जियें जीवन में तक़रार॥
ग़म दे करके चल दिए चेहरा चाँद छुपाइ
ग़ैर इश्क़ मसरूफ़ हो दी है याद भुलाइ॥
ग़मे जुदाई बन गई यादों की बारात
पशेमान दिल हो गया शहमे से हालत॥
होइ मुख़्तिला यार से हो फ़रहान तमाम
जज़्बातें दिल क़ैद में रातें नींद हराम॥
सूना है दिल आशियाँ हो मानिन्द मजार
अपनों ने लूटा मुझे मारी जिग़र कटार॥
हो मुझसे मेहरूम तू चली पिआ के देश
उम्र मेरी तुझको लगे दिल की दुआ हमेश॥
ख़ुदा इश्क़ ताबीर है दिल बेताब मजीद
असहनीय दिल की लगी बिन शमसीर शदीद॥
मेरा मसीहा चला गया||
ग़म से मुझको मिला गया||
जामे उल्फ़त पिला गया||
दीवारे दिल हिला गया||
ऐतराफ़ में जी रहा||
आँशू ग़म के पी रहा||
दिले तशब्बुर आता है||
मुझे ख़ूब तड़फ़ाता है||
राह तकूँ दिन रैन में||
नहीं जिगर है चैन में||
इश्क़ शुरूरे छा रहा||
गीत प्यार के गा रहा||
आजा तू ओ बे वफ़ा||
उल्फ़त दिल करने वफ़ा ||
चाहूँ तुझको प्यार से||
निभे ग़नीमत यार से||
मकाँ मोहब्बत मिल जाए||
मेरी किश्मत ख़ुल जाए||
मुझको वादा याद है||
कोई नहीं विवाद है||
जीवन भर तू साथ दे||
हाथों में निज हाथ दे||
यही ख़ुदा से है दुआ||
मेरे ग़म की तू दवा||
डोली मेरे घर आये||
ख़ुशी हयाते भर जाये||
दिल का ख़ाली पेज़ है||
ख़्वाबों सूनी सेज़ है||
यादों की बारात है||
अश्कों की तादात है||
यही ख़ुदा फ़रमान है||
जीवन भी शमशान है||

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